Yoga Principle defines System of Yoga. First step is yoga initiation, second step is hearing or study thrid step is contemplation, fourth step is meditation and fifth is samadhi or realization of supreme self Yoga Initiation or Diksha is the first step of yoga principle in which guru transmits power in student to cut his illusionsecond step of yoga principle is Hearing or Study holy books to know the godthird step of yoga principle is contemplation in which devotee contemplate on what he heard and/or studied about god and how to know the supreme self (the God)Fourth step of Yoga principle is meditation in which devotee meditate of verses, form of god etc to realize the God      fifth and the last step of Yoga Principle is realization of Supreme Self or God

 

 

प्रेम ही ईश्वर है

Love is God.

God is Love.

योग पद्धति >> योग का क्रम >> दु:स्वप्न (बुरे सपने), सपनों के अर्थ (Dream Interpretation)

साधना में विघ्न सूचक स्वप्न/दु:स्वप्न (बुरे सपने) और उनके अर्थ

साधना में विघ्न सूचक सपने या दु:स्वप्न आने का अर्थ होता है कि साधना में कोई ऎसी गड़बड़ी आने वाली है जो साधना को रोक देगी या साधना से नीचे गिरा देगी. दु:स्वप्न या बुरे सपने को अथर्व वेद में दक्षिण-पश्चिम दिशा के स्वामी निऋति देव का पुत्र बताया गया है. यह बुरे सपने के रूप में पहले मन में प्रकट होता है, फिर उचित समय आने पर अपना प्रभाव वास्तविकता में दिखाता है और तब हम कहते हैं कि हमारा देखा हुआ सपना सच हो गया. किन्तु इसके फल को वास्तविकता में प्रकट होने से रोका जा सकता है. कैसे? यह आगे बताएँगे. आइये पहले कुछ इसी तरह के सपनों के बारे में जानें :

१. तेज वर्षा देखना, तेज वर्षा में भीगना व सब तरफ जल भरा देखना किसी आने वाली विपत्ति का सूचक है. सामान्यतया ये देखा गया है कि इस स्वप्न के कारन व्यक्ति अचानक किसी अकारण आई विपत्ति में फंस जाता है. या कह सकते हैं कि विरोधी बढ़ेंगे.

२. सड़क पर या मकान में पानी ही पानी ही भरा देखना व स्वयं को उसमें से जाते हुए देखना या नदी के बहाव के विपरीत नदी में चलते हुए देखना साधना में आने वाली कठिनाई की और संकेत है. साथ ही यदि अन्य व्यक्ति या मित्र या संबंधी आदि को भी साथ में देखा हो तो समझना चाहिए कि विपत्ति उन लोगों से भी सम्बंधित है. आपकी वर्तमान परिस्थितियां इस स्वप्न के अर्थ को जानने में सहायक होंगी कि किस प्रकार की विपत्ति आ सकती है. उदाहरण के लिए यदि आपके परिवार में किसी गर्भवती महिला को आपने स्वप्न में इस प्रकार देखा है तो समझना चाहिए कि गर्भावस्था में कोई समस्या उत्पन्न हो सकती है.

३. मल या कीचड़ से युक्त गड्ढे में स्वयं को देखना. यह आपकी पवित्रता का नाश करने वाला है. साथ ही यह काम भाव भी उत्पन्न करता है और प्रेत बाधा का भी संकेत है और मृत्युकारक सपना भी है.

४. विद्यालय या महाविद्यालय की परीक्षाएं जो आपने पास कर लीं हैं उनकी तैयारी करते हुए स्वयं को देखना और यह भी देखना कि आपको उस विषय से सम्बंधित कुछ भी याद नहीं और आप शायद उत्तीर्ण (पास) नहीं हो सकेंगे. यह सपना साधना में आने वाली किसी आध्यात्मिक परीक्षा या कठिनाई का संकेत है. आपका कोई आध्यात्मिक प्रश्न है जिसका हल आपको खोजना है. यदि आप खोजने में सफल हो गए तो आगे बाद जायेंगे. स्वाध्याय करे. ग्रंथों का अध्ययन करें आपको हल मिल जाएगा.

अध्यात्म और योग का सबसे ऊँचा ज्ञान शिव सूत्र से निकालकर कहानी और गाने "झूठ पुलिंदा" के माध्यम से आप सभी भक्तों को समर्पित है.

५. सपने में खुद को भुत-प्रेत आदि से पीड़ित देखना प्रेत बाधा का संकेत है. यह प्रेत बाधा अपने-आप भी उत्पन्न हुई हो सकती है और किसी व्यक्ति के द्वारा भी पैदा की गई हो सकती है.

६. सपने में बंदरों से युद्ध दिखाई दे तो समझना चाहिए कि पारिवारिक द्वेष बढेगा.

७. सामान्यतया हिंसक जंतुओं जैसे सिंह,सर्प, बन्दर, बिल्ली आदि से यदि सपने में लड़ना देखें और डर लगे तो समझना चाहिए कि परिवार व समाज में आपसे द्वेष बढेगा. परन्तु यदि सपने आप उनसे लड़कर जीत जाते हैं तो इसका मतलब है कि द्वेष तो बढेगा लेकिन आपके अथक प्रयास से वह शांत हो जाएगा.

८. सपने में प्रियजनों से बिछड़ना देखें तो उन देखे गए प्रियजनों से बिछुड़ जाते है. इससे अनाहत चक्र (हृदय में) प्रभावित होता है, उस पर दबाव पड़ता है जिससे साधना में कमी आती है.

९. सूर्य को यदि अन्धकार ढकता हुआ दिखाई दे तो साधना में बहुत बड़ा विघ्न उपस्थित होने वाला है ऐसा समझें. वह अन्धकार अज्ञान है जो आपकी आध्यात्मिकता को नष्ट करने पर आमादा है. या उस अंधकार को माया व सूर्य को परमात्मा समझें. इस प्रकार यह समझना चाहिए की आपको जो आत्मा का अनुभव हुआ है उसे माया धक् लेना चाहती है. परन्तु डरने की कोई बात नहीं है, ईश्वर पर विश्वास रखें. क्योंकि इस सपने का वास्तविक सन्देश यह है की अमृत और विष का संयोग होने पर विष का शोधन होता है यानी पुण्य रूपी सूर्य का पाप रूपी अन्धकार से संयोग होता है तो पाप नष्ट हो जाते हैं. इस सपने का फल प्रकट होने पर प्रारम्भ में भीषण कष्ट का अनुभव हो सकता है परन्तु धैर्य रखकर ईश्वर किई आराधना करते रहने से वह कष्ट धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है. इसमें समय लग सकता है. यह मृत्युकारक सपना भी हो सकता है, या मृत्युतुल्य कष्ट भोगना पद सकता है.

१०. यदि सपने में पानी में मगरमच्छ दिखाई दें तो समझना चाहिए की आपके जीवन में कोई आपका गुप्त शत्रु आपके विरुद्ध षड़यंत्र रच रहा है जिसमें आप बुरी तरह फंस जायेंगे परन्तु वह शत्रु सुरक्षित रहेगा. यह धर्म के मार्ग पर आपकी कठिन परीक्षा का भी संकेत है.

११. सपने में अगर तारे इधर-उधर चलते हुए दिखाई दें तो समझना चाहिए की गुप्त शत्रु सक्रिय हैं. अतः सावधान रहें. यदि तारे आपसे दूर जाते दिखाई दें तो समझें की शत्रु दूर भाग रहा है और यदि तारे पास आते दिखाई दें तो समझना चाहिए की शत्रु निकट आ रहा है और आक्रमण की तैयारी में है.

१२. खाई या गहरे गड्ढे में गिरना, या उसमें उतरना या उसे देखना, विपत्ति का सूचक है. यह साधना से गिरने का भी सूचक है. यदि सपने में उस गड्ढे में गिरकर वापस निकल आयें तो विपत्ति का अंत होगा व साधना में रुकावट आकर दूर हो जायेगी.

१३. सपने में यदि अपने बुरे के लिए किसी को जादू-टोना, तंत्र-मंत्र की क्रिया करते देखें तो उस सपने का फल वैसा का वैसा ही होता है. यानि वह व्यक्ति आपके विरुद्ध कोई तांत्रिक क्रिया या जादू-टोना कर रहा है. वह आपको साधना से गिराने की भी कोशिश कर रहा है.

१४. शत्रु द्वारा कलह, वाद, या युद्ध देखना व उनसे पराजित हो जाना अपने वध या बंधन का संकेत है.

१५. अपने ईष्ट देवता की मूर्ति चलती-फिरती या टूटी हुई दिखाई दे तो समझना चाहिए की मृत्यु निकट है.

१६. सपने में जिसके ऊपर माता-पिता भाई-बंधू नाराज होते हैं उसका शीघ्र नाश होता है. अर्थात यह विनाशकारी सपना है.

१७. यदि जमीन को अचानक जल से लबालब देखें तो सपना देखने वाला रोग, ग्लानी और धनहानि को प्राप्त होता है.

१८. सपने में यदि दिन में चन्द्रमा व रात्रि में सूर्य दिखाई दे तो मृत्यु निकट है ऐसा समझना चाहिए.

१९. सपने में पितर यदि सपना देखने वाले पर कुपित हों या शाप देते हैं तो वह सपना देखने वाले के विनाश का सूचक है.

२०. सपने में यदि देवमंदिर का टूटना देखें तो वह सपना देखने वाले के विनाश का सूचक है.

विघ्न सूचक स्वप्नों/दु:स्वप्नों के उपाय

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